शनिवार, 12 जून 2010

(बैठकी - तेरह)






























लीजिये, इन तस्वीरों का आनन्द उठावें (सन्दर्भ : बैठकी - ग्यारह)

1 टिप्पणी:

mobile phones ने कहा…

अच्छा लगता है ऐसे प्रयासों को जीवंत देखकर। अंतरात्मा से कुछ प्रेरणा भी मिल रही है।
मन में बस एक कामना उठती है कि:
सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया ।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित् दुःखभाग् भवेत् ।।
(सभी सुखी होवें, सभी रोगमुक्त रहें, सभी मंगलमय घटनाओं के साक्षी बनें, और किसी को भी दुःख का भागी न बनना पड़े ।)