

























लीजिये, इन तस्वीरों का आनन्द उठावें । (सन्दर्भ : बैठकी - ग्यारह)
मेरी इस ब्लौगिया बैठक में आप सभी हिन्दी वाले आमन्त्रित हैं। गप-शप, हँसी-मजाक, गम्भीर विमर्श और बैठे-ठाले कुछ भी -- जिससे हिन्दी का कुछ कल्याण हो -- सब चलेगा, सब में आप सज्जनों की हिस्सेदारी का तलबगार हूँ ।
1 टिप्पणी:
अच्छा लगता है ऐसे प्रयासों को जीवंत देखकर। अंतरात्मा से कुछ प्रेरणा भी मिल रही है।
मन में बस एक कामना उठती है कि:
सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया ।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित् दुःखभाग् भवेत् ।।
(सभी सुखी होवें, सभी रोगमुक्त रहें, सभी मंगलमय घटनाओं के साक्षी बनें, और किसी को भी दुःख का भागी न बनना पड़े ।)
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