फिर से कुछ चुनिन्दा गाने :
मन आज थोडा -सा रूमानी हो चला है। आइये , चलें थोडा रूमानी हो लें। जरूर लिखें मेरे पसंदीदा गाने आपको भी पसन्द आये या नहीं ।
(गाना - एक)
(गाना - दो )
(गाना - तीन)
पिछली बार संगीता जी ( संगीता पुरी ) ने गानों पर दो शब्दों की एक टिप्पणी भेजी थी । मन बहुत खुश हुआ , दो शब्दों में ही उन्होंने जता दिया कि वे एक sincere श्रोता (और ब्लॉगर ) हैं । कोटिशः धन्यवाद । और दोस्तों से भी मेरी विनती है कि अच्छी या बुरी जैसी भी हो अपनी प्रतिक्रिया मुझे अवश्य लिखें । हौसला बढ़ता है । See you !
Mohalla Live
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Mohalla Live
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गाली-मुक्त सिनेमा में आ पाएगा पूरा समाज?
Posted: 24 Jan 2015 12:35 AM PST
सिनेमा समाज की कहानी कहता है और...
11 वर्ष पहले

5 टिप्पणियां:
आईये पढें ... अमृत वाणी।
सुंदर पोस्ट
nice
आज भी सुन रही हूं !!
प्रथम गाने के सन्दर्भ में कहना चाहूँगा कि यदि सीखने के ललक हो तो हर बात से कुछ न कुछ सीखा जा सकता है। इसके बाद मै आपके प्रेम की भावना के पराकास्ठा को प्रणाम करता हूँ परमात्मा से प्रार्थना करता हूँ कि आपकी इस भावना को समझने वाला कम से कम कोई एक हमेशा जिन्दगी के हर कदम पर आपके साथ रहे। आपका अंदाजे बाया काफी पसंद आया
आमीन
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